

"रूहानियत से करें सबको नजर से ही निहाल जो देखे हमें वो भी हो जाए मालामाल ऐसा बनाने वाले मेरे बाबा की है कमाल रूहानियत से करें सबको नजर से ही निहाल जो देखे हमें वो भी हो जाए मालामाल पवित्रता की चमक से चमके ये चेहरा प्रसन्नता की झलक से झलके ये चेहरा परेशान जब कोई सामने आए प्रसन्नता से वो भी भर जाए गहरा प्रसन्नचित वाली होगी उसकी हाल-चाल पूरन हो सब आश और हो जाए वो खुशहाल ऐसा बनाने वाले मेरे बाबा की है कमाल रूहानियत से करें सबको नजर से ही निहाल जो देखे हमें वो भी हो जाए मालामाल चारों ओर सकाश दे हम बेहद में जैसे बाबा देते हैं बैठे वतन में बेहद सेवा में रहे मगन तभही वैराग्य आए जीवन में दिन हो चाहे रात अब करना है ये अभ्यास सब आत्माओं को अब देना है सकाश ऐसा बनाने वाले मेरे बाबा की है कमाल रूहानियत से करें सबको नजर से ही निहाल जो देखे हमें वो भी हो जाए मालामाल देना है सहयोग हमें गुण और शक्ति का दाता बनके दान दे समर्थी का दिल से दुआएं निकले सदा लक्षण है ये सच्चे पुरषार्थी का दुआओं के बल से सदा ही उड़ते रहना है प्रालब्ध का अनुभव संगम में ही करना है ऐसा बनाने वाले मेरे बाबा की है कमाल रूहानियत से करें सबको नजर से ही निहाल जो देखे हमें वो भी हो जाए मालामाल"