

संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है लक्ष्मी और नारायण की दुनियां वो लानी है संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है लक्ष्मी और नारायण की दुनियां वो लानी है संगम की ये बेला है पुरुषार्थ वो करना है पावन तुझे बनना है मोती बन माला में अब खुद को पिरोना है वापस घर जाना है बाबा की ये वाणी है लक्ष्मी और नारायण की दुनियां वो लानी है संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है वो प्यार का सागर है प्यासा ये जमाना है भटके हुए पथिको को तुझे शिव से मिलाना है मिलने की ये रुत आई नशा छाया रूहानी है लक्ष्मी और नारायण की दुनियां वो लानी है संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है वरदान लुटाने को वरदाता आया है भर लो झोली को क्यूं जग में खोया है जाने कब तक मौका है दुनियां अब जानी है लक्ष्मी और नारायण की दुनियां वो लानी है संगम की ये बेला है तकदीर जगानी है