"संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
सबके मुख पर बाबा ही बाबा
ऐसी हमारी प्यारी दुनिया
प्यारी दुनिया
झूम झूम कर गाए हर दिल गा रहा हर मन
मीठी मुरली मीठा बाबा मिला मीठा मधुबन
झूम झूम कर गाए हर दिल गा रहा हर मन
मीठी मुरली मीठा बाबा मिला मीठा मधुबन
सबके मुखपर बाबा ही बाबा
ऐसी हमारी प्यारी दुनिया
प्यारी दुनिया
संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
घन घन बरसे प्रभु का प्यार
चीर बसंत जहा सदा बहार
जिससे महका मन संसार
ऐसा सलोना अनुपम प्यार
सबके चेहरे चम चम चमके
जीवन जैसे गुलो गुलजार
आनंद आनंद पुलकित पुलकित
बेहद हर्षित होता हर मन
होता हर मन
संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
हर मस्तक पर नूर रूहानी
जैसे बिखरी हुई चांदनी
रंग बिरंगी फैली रोशनी
मस्त मगन है हर जिंदगानी
कल्प कल्प की है ये कहानी
आत्माएं बनती दानी वरदानी
पावन पावन है मनभावन
संगम का ये मधुर मिलन
मधुर मिलन
संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
संगमयुग में बाबा के संग में
पल पल मिलती खुशिया
सबके मुख पर बाबा ही बाबा
ऐसी हमारी प्यारी दुनिया
प्यारी दुनिया
झूम झूम कर गाए हर दिल गा रहा हर मन
मीठी मुरली मीठा बाबा मिला मीठा मधुबन
झूम झूम कर गाए हर दिल गा रहा हर मन
मीठी मुरली मीठा बाबा मिला मीठा मधुबन
"
