

संगमयुग में बने है हम सबसे भाग्यवान बाबा है भाग्यविधाता हम है उनकी संतान संगमयुग में बने है हम सबसे भाग्यवान बाबा है भाग्यविधाता हम है उनकी संतान ओठो पे मुस्कान रूहानी माथे पे चमके तारा स्नेह शक्ति स्वरूप नयन है दिल में है प्रभु प्यार भरा हाथों में हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही तकदीर की रेखा की कलम है श्रेष्ठ कर्म जितनी चाहे उतनी खींचे लकीर हम ये भाग्य की रेखा सम्पन्न बनाती है सारे कल्प में भी ये साथ चलती है सहज हो पुरुषार्थ अपना अब ही प्रालब्ध को पाए सर्वशक्ति सम्पन्न बन विघ्नविनाशक बन जाए विघ्नविनाशक बन जाए हाथों में हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही कोई बदले तो बदलू न हो ये भावना रहम दिल बनने की हो हो शुभ कामना गुण और शक्तियों का सहयोग सभीकों देना भरपूर है खजाने महादाता बनना हद के बातों को खतम कर बेहद में जाना है मनसा सेवा करने मनोबल को बढ़ाना है मनोबल को बढ़ाना है हाथों में हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही संगमयुग में बने है हम सबसे भाग्यवान बाबा है भाग्यविधाता हम है उनकी संतान ओठो पे मुस्कान रूहानी माथे पे चमके तारा स्नेह शक्ति स्वरूप नयन है दिल में है प्रभु प्यार भरा हाथों में हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही हाथों में सम्पन्नता की रेखा चमक रही हर कदम में पदमा पदम प्राप्तियां झलक रही