

सपनों से सुंदर ये अपनो का घर है फूलों की नगरी फरिश्तों का शहर है सपनों से सुंदर ये अपनो का घर है फूलों की नगरी फरिश्तों का शहर है धरती पे जन्नत कहीं भी अगर कही है वो बस यही है यही है यही है स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् शांति का सागर यहां लहराएं शिव का झंडा दिलो पे फहराए मधुबन सब के अनोखो महकाए ज्ञान सरोवर में हंसो का दल आए शांतिवन सा कहा कोई घर है स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् सब का सहारा यहां पे ले बसेरा जग का उजाला यहां तेरा है डेरा कितने युगों से तुने लगाए फेरा मुरली सुनाई किया रास सुनहरा हुआ है निहाल नजर का असर है स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् जो भी यहां एक बार आ जाए माया की गलियां उसको ना भाए खाली हर झोली भर भर के जाएं जन्मों की ज्योति यहां जग जाए आबू के अब्बा का प्यारा बसर है स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् सपनों से सुंदर अपनो का घर है फूलों की नगरी फरिश्तों का शहर है