कैसा होगा वो राज्य हमारा जहां करे हम राज
राजयोग से सर पे हमारे होगा स्वर्णिम ताज
सारी वसुधा सारा अंबर सारी वसुधा सारा अंबर सारा जहां हमारा होगा
विश्वधरा के रंगमंच पर विश्वधरा के रंगमंच पर स्वर्ण महल हमारा होगा
गुल गुलशन गुलफाम होगा
हर सपना साकार होगा
देवी देव हम होंगे सारे आत्म स्वरूप हमारा होगा
सारी वसुधा सारा अंबर
सारी वसुधा सारा अंबर
दोनो तरफ चौहर के बीच राज सिहासन होगा
खुश होगी सभा सारी जब राज्याभिषेक हमारा होगा
सरपे ताज सोने का गले मोती का हार होगा, रत्नजड़ित वस्त्रों से सजा धजा श्रृंगार होगा
सारी वसुधा सारा अंबर
सारी वसुधा सारा अंबर सारा जहां हमारा होगा
विश्वधरा के रंगमंच पर विश्वधरा के रंगमंच पर स्वर्ण महल हमारा होगा
हवा के साज होंगे सुमधुर संगीत होगा
भरे भरे दरबार में नृत्यों का नजारा होगा
जय जय कार बार बार शहनाई से सत्कार होगा
स्वर्ण मुद्राओं की थालिया भर आपस में आभार होगा
सारी वसुधा सारा अंबर
सारी वसुधा सारा अंबर सारा जहां हमारा होगा
विश्वधरा के रंगमंच पर विश्वधरा के रंगमंच पर स्वर्ण महल हमारा होगा
झरनों की झर झर होगी पर्वत खूप सुहाना होगा
सैर करने पुष्पक विमान प्रकृति का सहयोग होगा
अतिंद्रिय सुख शांति का वहा भरा भंडार होगा
न होगी कुछ कमी वहा सर्व गुण संपन्न जीवन होगा
सारी वसुधा सारा अंबर सारी वसुधा सारा अंबर सारा जहां हमारा होगा
विश्वधरा के रंगमंच पर विश्वधरा के रंगमंच पर स्वर्ण महल हमारा होगा
गुल गुलशन गुलफाम होगा
हर सपना साकार होगा
देवी देव हम होंगे सारे आत्म स्वरूप हमारा होगा
सारी वसुधा सारा अंबर
सारी वसुधा सारा अंबर
