

हमे है ये नशा सबसे धनवान हम कमाते है हर दिन हर कदम में पदम हमे है ये नशा सबसे धनवान हम कमाते है हर दिन हर कदम में पदम हमको परमात्मा से भाग्य मिला नहीं संसार में कोई हमसा भला पास हो जाए श्रेष्ठ सम्मान से बाबा का है कहना सर्व खजानों को जमा करना सर्व खजानों से संपन्न बनना सर्व खजानों को जमा करना सर्व खजानों से संपन्न बनना संगमयुग का समय है श्रेष्ठ खजाना श्रेष्ठ संकल्प ज्ञान गुण शक्तियों का खजाना इन खजानों को बढ़ाने की सहज है यही विधि मै आत्मा बिंदी बाबा बिंदी जो बीता वही भी बिंदी तीन बिंदी का तिलक लगाए सदा व्यर्थ कर्मों से खुदको बचाए सदा अब जमा हो हमारा बहुत काल का तब ही पाएंगे वर्सा सदाकाल का बाबा से किया जो वायदा कर्म में लाकर उसको निभाना सर्व खजानों को जमा करना बाबा का है यही कहना सर्व खजानों से संपन्न बनना अपनी तकदीर की तस्वीर को देखते रहे वाह बाबा वाह यही गीत गाते रहे आई व्याधि तो भी वाह वाह ही करे व्याधि खुशी में बदल जाए कर्मों के पुराने खाते सभी योग अग्नि में भी जलाए बोझ बाबा को देकर उड़ते चले मुश्किलों को आसान करते चले अपनी रचना समय है ये जन ले अब समय से पहले खुद को बदले शिव पिता है शिक्षक अपना बाबा का है यही कहना सर्व खजानों को जमा करना बाबा का है यही कहना सर्व खजानों से संपन्न बनना