मुखड़ा
साथ रहेंगे, साथ उड़ेंगे, बाबा से है वायदा।
दिल में बसा है दिलाराम, कभी न होंगे जुदा।
मेरा बाबा, मीठा बाबा, प्यारा बाबा।
श्वासों की सितार से गूँजे यही गीत सदा।
साथ रहेंगे, साथ उड़ेंगे, बाबा से है वायदा।
दिल में बसा है दिलाराम, कभी न होंगे जुदा।
अंतरा – 1
शिव जयंती जन्मदिन है बाबा संग हमारा।
सारे युग में कभी न होगा ऐसा अनोखा नज़ारा।
सत्य ज्ञान की रोशनी पाई, मन का मिटा अंधकार।
पवित्रता के व्रत से ही जीवन में आई बहार।
अज्ञान की नींद से जागे, मिट गई आपदा।
साथ रहेंगे, साथ उड़ेंगे, बाबा से है वायदा।
दिल में बसा है दिलाराम, कभी न होंगे जुदा।
अंतरा – 2
न हो मान, शान, न हो मेरा नाम, बाबा मिल गए, नहीं कोई अरमान।
मैंपन की बली बाबा पर चढ़ाई,
मैंपन से हम मुक्त हो जाएँ।
मेरा-मेरा ही मैला करे,
मेरा बाबा मुझे सुंदर बनाए।
एक मेरे बाबा में ही मिट जाए दुविधा।
साथ रहेंगे, साथ उड़ेंगे, बाबा से है वायदा।
दिल में बसा है दिलाराम, कभी न होंगे जुदा।
अंतरा – 3
शिव पर आक के फूल चढ़ाते, शिव भोले के भक्तगण।
व्यर्थ संकल्प आक के समान, बाबा को करें अर्पण।
मैं बिंदु, बाबा बिंदु, बीती को लगाएँ बिंदु।
बिंदु से ही कमाई बढ़े, यही बिंदु का जादू।
अब पूर्ण रूप से व्यर्थ को करें हम अलविदा।
साथ रहेंगे, साथ उड़ेंगे, बाबा से है वायदा।
दिल में बसा है दिलाराम, कभी न होंगे जुदा।
