

आओ सुनाए महीमा खास मेरे शिवबाबा की आज निराकार है बाबा मेरे आनंद के सागर भी वो गुणों के भंडार है बाबा दुःखकर्ता सुखकर्ता जो दिव्य दृष्टि विधाता बाबा जन्म मरण से न्यारे वो कर्म गति को जानने वाले ब्रह्मलोक के वासी बाबा सुख दुःख से है न्यारे बाबा ज्ञानामृत के सागर बाबा मुक्ति जीवन मुक्ति के दाता प्रेम के सागर शिव बाबा जीवन नैया पार लगाए सद्गति दाता मेरे बाबा नर को बनाए जो नारायण पतित पावन है शिवबाबा दिव्य बुद्धि के दाता बाबा सृष्टि के तीनों काल के ज्ञाता परम पिता शिक्षक है बाबा सद्गुरु प्यारे मेरे बाबा पत्थर बुद्धि को बनाए पारस शांति के सागर बाबा सत चित और आनंद स्वरूपा बिंदु रूप है ज्योति स्वरूपा काल के पंजे से वो छुड़ाए अकालमूर्त मेरे बाबा सुख के दाता मेरे बाबा शांति के दाता है बाबा कल्पवृक्ष के बीज रूप वो मेरे ज्योति बिंदु बाबा ब्रह्मा विष्णु शंकर को भी रचने वाले मेरे बाबा ब्रह्मा द्वारा करते स्थापना शंकर द्वारा विनाश कराते विष्णु द्वारा कराते पालना ऐसे है मेरे प्यारे बाबा ऐसे है मेरे प्यारे बाबा ऐसे है मेरे मीठे बाबा ऐसे है मेरे बाबा