"शिव साजन ज्ञान का दरिया,री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
काम क्रोध ने मारी पिचकारी,लोभ, मोह ने कर दी कारी
अहंकार का रंग जो लागा,टूट गया प्रभु प्रेम का धागा
फिर ना सूझे डगरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
आलस,भय,चुगली और चोरी, प्रभु पिया से हो गई दूरी
रोग, शोक मिले दुःख,अशांति, मन में पैदा कर गई भ्रांति
भोली है तू नवेली गुजरिया, री धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया,री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
आबू में धो रहे शिव साजन, चुनर बने तेरी अति मनभावन
गीता ज्ञान की धारा लाई, ज्ञान योग से किन्हीं सफाई
सोलह कला से बनी चुनरिया,री धुल गई मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया, री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया
शिव साजन ज्ञान का दरिया री सजनी तू धो ले मैली चुनरिया"
