िव से योग लगाओ अष्ट शक्तियां पावो
दिव्य गुणों से सज ले प्राणी सुंदर स्वर्ग सजाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
सामना करने की शक्ति आत्मा पाए
लाखो तूफा आए पर उसको बूझा न पाए
आत्म ज्ञानका अमर दीप अब ऐसा दिव्य जलाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
सुख दुख की सारी बाते भली बुरी ये दुनिया
अपने अंदर हम समाते सागर की हम नदिया
पीकर दर्द सभी के मन का अब तो हसो हसाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
यहां न कुछ है तेरा मेरा यह है मुसाफिरखाना
चल समेट ले मन का बिस्तर वापिस घर है जाना
इस पर देश में श्रेष्ठ कर्म की पूंजी सिर्फ कमाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
कर्म इन्द्रिय प्रजा मेरी है मै आत्मा राजा
जैसा चाहूं वैसा बजाऊ यह तन मेरा बाजा
कर्ज चुकाऊं फर्ज निभाऊ मर्ज नहीं अपनाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से तार लगे योगी का सब विवेक जग जाता
संगमयुगकी समझके महिमा सत्य मार्ग अपनाता
निर्णय कर किस्मतका अपने जीवन दिव्य बनाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
पत्थर जैसी चोटे सहकर मीठा ही फल देना
ठोकर खाकर ठाकुर बनना मुस्काते ही रहना
निंदक को भी गले लगाओ स्नेह पुष्प बरसाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
बुद्धि प्रखर बने योगी की असली नकली परखे
वह तराशता है हीरो को कभी न खाएं धोखे
जीवन अग्नि परीक्षा में सच्चा सोना बन जाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
राजयोग सहयोग सिखाता कदम से कदम मिलाना
एक एक उंगली से कलियुग का पर्वत उठ जाना
प्रेम एकता सदाचार के पथ पर पाव बढ़ाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव की शक्ति के अधिकारी जग में श्रेष्ठ महान
कल्प कल्प के विजई बच्चो करना जग कल्याण
जीवन उपवन में शुभ कर्मोका ही फूल खिलाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
शिव से योग लगाओ
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