"शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
पिया दिलाराम जी सुना दो मुरलिया
पिया भोलेनाथ जी सुना दो मुरलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
शिव शिव बोले री बोले री बोले
राज दिलों के खोले खोले री खोले
प्राण पिया जी मोरे
प्राण पिया जी मोरे
प्राण पिया जी मोर ले गए जियरिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
प्रभु मिलन की अगन लिए मन में
पिंजरा छोड़ तू उड़ जा गगन में
देश पराया माया जाल बिछाया है
खेल जगत का अंत ना पाया है
आ..जग भूल भुलैया ना पाए री डगरिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
ज्ञान योग करो धारण सेवा
प्रभु प्यार का पाओ मेंवा
जीवन कमल समान बना लो
सत्य शिवम सुंदर अपना लो
आ..इंद्रधनुष की बने चुनरिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
पिया दिलाराम जी सुना दो मुरलिया
पिया भोलेनाथ जी सुना दो मुरलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया
शिव शिव बोले मन मोर कोयलिया"
