िवबाबा के सिमरन से भव पार तो हो जाए
संग में रहके बाबा के हम सब पावन हो जाए
शिवबाबा के सिमरन से भव पार तो हो जाए
संग में रहके बाबा के हम सब पावन बन जाए
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
ये माना माया तो पग पग में लुभाती है
एक बाबा की वाणी तुझको राह दिखाती है
ये माना माया तो पग पग में लुभाती है
एक बाबा की वाणी तुझको राह दिखाती है
हर पल तुझको ज्ञान मिले
हर पल तुझको ज्ञान मिले अनजान क्यूं हो जाए
शिवबाबा के सिमरन से भव पार तो हो जाए
संग में रहके बाबा के हम सब पावन बन जाए
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
शुभ कर्मों के कारण ही इस ज्ञान में आए हो
माया के बंधन में क्यूं खुदको उलझाए हो
शुभ कर्मों के कारण ही इस ज्ञान में आए हो
माया के बंधन में क्यूं खुदको उलझाए हो
सौप के सबकुछ बाबा को
सौप के सबकुछ बाबा को अनजान फिर हो जाए
शिवबाबा के सिमरन से भव पार तो हो जाए
संग में रहके बाबा के हम सब पावन बन जाए
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
औरों को सुनाते है कुछ खुद भी अमल कर ले
अंतर की तरफ उड़कर हम प्रभु चिंतन कर ले
औरों को सुनाते है कुछ खुद भी अमल कर ले
अंतर की तरफ उड़कर हम प्रभु चिंतन कर ले
दुनियां के नजारों में
दुनियां के नजारों में फिर से खो न जाए
शिवबाबा के सिमरन से भव पार तो हो जाए
संग में रहके बाबा के हम सब पावन बन जाए
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
शिवबाबा के सिमरन से
