शिव बाबा की याद में रहकर राजयोगी बन जाना है
मीरा बनके, राधा बनकर, प्रभु तुमको अपनाना है
देह इक माटी की गागर
दुनिया गहरा सागर है
दिव्य गुणों से जीवन भरकर
भव सागर तर जाना है
शिव बाबा की याद में रहकर
तेरी मुरली सुनते-सुनते
जीवन मधुर बनाना है
ज्ञान की पावन नगरी में अब
अपने घर को बसाना है
शिव बाबा की याद में रहकर...
तेरे रंग में रंग जाऊँ मैं
तेरी जोगन बन जाऊँ मैं
मुझको पावन कर दो बाबा
अपने वतन को जाना है
शिव बाबा की याद में रहकर...
