"शिव बाबा ने अपने लिए ही
शिव बाबा ने अपने लिए ही
शिव बाबा ने अपने लिए ही
देखो तिजोरी खोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान धन से झोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान धन से झोली
शिव बाबा ने अपने लिए ही
देखो तिजोरी खोली
बाट रहे है बाबा तो भर लो ज्ञान धन से झोली
बाट रहे है बाबा तो भर लो ज्ञान धन से झोली
शिव बाबा ने अपने लिए ही
बाबा मिलेंगे हमें तीरथ पे ऐसा समझकर भटके थे
समय और पैसे दोनो गवाकर पूजा पाठ में लगते थे
भूली भी जाए पिछली बाते
भूली भी जाए पिछली बाते जो होनी है वो होली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
शिव बाबा ने अपने लिए ही
चखते रहे थे विषय जहर को ऐसा विकारी था जीवन
अजामिल से बने पतित अब थे कभी जब हम पावन
अनहोली हम बच्चो की
अनहोली हम बच्चो की बाबा बना रहे होली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
शिव बाबा ने अपने लिए ही
खाना पीना ऐश मनाना समझा इसको सुखदाई
है ये पतनकी जहर मिठाई बाबा ने बाटी समझाई
अब खायेंगे बाबा के हाथो
अब खायेंगे बाबा के हाथो
अब खायेंगे बाबा के हाथो
अमृत की ये टोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
बाट रहे है बाबा भर लो ज्ञान रतन से झोली
शिव बाबा ने अपने लिए ही
शिव बाबा ने अपने लिए ही
शिव बाबा ने अपने लिए ही
देखो तिजोरी खोली
बाट रहे है बाबा तो भर लो ज्ञान रत्न से झोली
बाट रहे है बाबा तो भर लो ज्ञान रत्न से झोली
जन्म जन्म से मिल रहे थे माया के संकेत
चकाचौंध हम हो गए दुनिया के रंग में
जन्म जन्म से मिल रहे थे माया के संकेत
चकाचौंध हम हो गए दुनिया के रंग में
आज अवतरण पर्व है शिव का
जाएंगे अब होली हो जायेंगे अब होली
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