शुभ भावना शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
लाएंगे धरती पे नई नई दुनियां
शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
लाएंगे धरती पे नई नई दुनियां
ये जमीं आसमां सब ही होगा नया
देवी देवताओसे सज उठे नया समा
सब को ही दिल से दे हम बधाई
शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
देखो अपना नवयुग आ रहा
नई दीप झाक देखो जगमगा रहा
अब तो माया को देंगे विदाई
फरिश्ता स्वरूप की दे हम बधाई
बाबा का संग लिए मन में उमंग लिए
उड़ते और उड़ाते चले खुशियां हम लुटाते चले
कोई भी कमी हो या कमजोरी हो देखेंगे ये नहीं रहे यही प्रतिज्ञा है
दिल में शुभ भाव हो मन में सत भाव हो
उमंग से मिले हमको यही आज्ञा है
गुण मूर्त हम बन जाए गुणों से जीवन सजाएं
मीठे मीठे बोल ही बोले
स्नेह भरी बातें ही दिल से निकले
गुण और शक्तियों की सौगात हीहो
मधुरता गुणों की बरसात हो
मै पन से न्यारे बाबा के प्यारे मै पन का भान ना रहे
आत्मिक स्वमान में रहे
शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
लाएंगे धरती पे नई नई दुनियां
शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
लाएंगे धरती पे नई नई दुनियां
ये जमीं आसमां सब ही होगा नया
देवी देवताओसे से ये सज उठे नया
सब को ही दिल से दे हम बधाई
शुभ भावना सम्पन्न हो वर्ष ये नया
