

स्नेह सागर बाबा की है ये बलिहारी स्नेह के आगे मेहनत ना लागे ऐसी है जादूगरी स्नेह और दुनियां की सुदबुध ही न रही परवाह कोई ना रही निश्चिंत है हर घड़ी स्नेह सागर बाबा की है ये बलिहारी स्नेह के आगे मेहनत ना लागे ऐसी है जादूगरी आदि जन्म से ही मिला ये स्नेह का वरदान प्यार में ही खो गए न रहा कोई अरमान परिस्थिति हो कैसी भी पहाड़ से बड़ी स्नेह की शक्ति के आगे हो जाएं पानी शिव मंत्र से शिव स्नेह की लहरों में हम उतरे स्नेह सागर बाबा हमारे स्नेह से ही योग है स्नेह सागर से मिलन स्नेह में समाना ही है संपूर्ण ज्ञान परमात्म स्नेह का अनुभव हम करें स्नेह मोतियों से अपनी झोली भरे प्रभु स्नेह की गोदी में ही यह जिंदगी गुजरी स्नेह सागर बाबा की है ये बलिहारी स्नेह के आगे मेहनत ना लागे ऐसी है जादूगरी स्नेह और दुनियां की सुदबुध ही न रही परवाह कोई ना रही निश्चिंत है हर घड़ी स्नेह सागर बाबा की है ये बलिहारी स्नेह के आगे मेहनत ना लागे ऐसी है जादूगरी