"नजरों से सबको करते निहाल, रूहों का दिलदार है
प्यार पाये जो भी उनका, उन पर हुआ बलिहार है
सूरत जिसकी चाँद-सी है, दिल है सागर जैसा
हर मन को लुभाये हर पल, प्यारा बाबा है ऐसा
मेरे बाबा..... प्यारे बाबा.....मीठे बाबा...... ओ प्यारे बाबा..
दिव्य अनुपम प्रेम पावन सब पर वो बरसाते है
सबका जीवन सुख सावन से गुण मोती से सजाते हैं रोम-रोम में झरता अमृत, झरता झरना जैसा
मेरे बाबा..... प्यारे बाबा.....मीठे बाबा...... ओ प्यारे बाबा..
फरिश्तों के वो बादशाह है, धरती के अवतार है
दुःख सागर से पार कराने, बनते पतवार हैं
महका रहे हैं सारे जगत को महके मधुबन जैसा
मेरे बाबा..... प्यारे बाबा.....मीठे बाबा...... ओ प्यारे बाबा.."
