स्वागतम, शुभ स्वागतम,
मंगलम्, शुभ मंगलम्....
स्वागत दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा,
नाचें-गाएँ मिलके जग सारा।
स्वागत दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा,
सूरज संग ले आया नया सवेरा।
नये संकल्प फिर से,
नयी आशा फिर से,
नयी ज्योति जले,
नयी भाषा फिर से।
नयी मंज़िलें सामने,
नयी चाहतें मन में,
नया आकाश चुने,
नयी उड़ानें फिर से।
बाबा की याद ने जीवन संवारा,
उत्सव दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
नये इरादे जगें,
नया विश्वास बुने,
नया पथ चले,
नयी दिशा फिर से।
नयी उमंग खिले,
नयी तरंग उठे,
नया इन्द्रधनुष सजे,
नया रंग फिर से।
जीत का होगा अब नया उजियारा,
वंदन दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
नया सूरज उगे,
नये राज़ खुले,
नयी किरण चमके,
नया आगाज़ फिर से।
नयी प्रेरणा हो,
नयी धारणा हो,
नये स्वर हों,
नयी संवेदना फिर से।
खुशियों का है आया मौसम प्यारा,
अभिनंदन दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
नयी ऊर्जा बहे,
नया साज़ बजे,
नया संगीत गूंजे,
नया अंदाज़ फिर से।
नया स्वमान ले,
नयी कमाल करें,
नयी कहानी लिखे,
नया इम्तहान फिर से।
उन्नति की राह पे बढ़े देश हमारा,
शुभ स्वागतम् दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
अमृतवेला होगा प्रभु से मिलन,
मुरली गूंजे मन के मधुबन,
ब्रह्मचर्य का खिले कमल,
ब्रह्मा भोजन से बने निर्मल,
कर्मयोग से बढ़े योगबल,
सेवा में हो जीवन सफल।
हर दिन उठे उमंगों की धारा,
मस्तक में चमके भाग्य का सितारा,
खुशियों की बारिश में झूमेंगा जग सारा।
शुभ आगमन दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
नवीनता भरा ये दो हज़ार छब्बीस,
योगभट्टी में आत्मा बने ख़ालिस।
नाचें-गाएँ मिलके जग सारा,
अभिवादन दो हज़ार छब्बीस तुम्हारा।
स्वागतम, शुभ स्वागतम,
मंगलम्, शुभ मंगलम्....
