तारों से सजे गगन जैसे
फुलो से सजे चमन जैसे
खुशबू से सजे पवन जैसे
तुम से सजे जीवन ऐसे
मेरे बाबा मेरे बाबा
मेरे बाबा प्यारे बाबा
तारों से सजे गगन जैसे
फुलो से सजे चमन जैसे
खुशबू से सजे पवन जैसे
तुम से सजे जीवन ऐसे
मेरे बाबा मेरे बाबा
मेरे बाबा प्यारे बाबा
सदभावों से किया श्रृंगार
दिया दिव्य गुणों का हार
सदभावों से किया श्रृंगार
दिया दिव्य गुणों का हार
दिलतखत पे हुए सवार
पाए ताज तिलक उपहार
मन महके मधुबन जैसे
तुलसी से सजे आंगन जैसे
खुशबू से सजे पवन जैसे
तुम से सजे जीवन ऐसे
मेरे बाबा प्यारे बाबा
शिव बाबा मेरे बाबा
चेहरे पे चमक है रूहानी
आंखों में लिखी है कहानी
और मन में है प्रीत पुरानी
और दिल में छबि है सुहानी
मस्तक पे सजे चंदन जैसे
हाथों में सजे कंगन जैसे
खुशबू से सजे पवन जैसे
तुम से सजे जीवन ऐसे
मेरे बाबा प्यारे बाबा
शिव बाबा मिठे बाबा
ज्ञान से जीवन दान दिया
योग का है विधान दिया
ज्ञान से जीवन दान दिया
योग का है विधान दिया
पावनता वरदान दिया
सेवा से है कल्याण किया
है गंगा पवन जैसे
सागर में है रतन जैसे
खुशबू से सजे पवन जैसे
तुम से सजे जीवन ऐसे
मेरे बाबा मेरे बाबा
शिव बाबा प्यारे बाबा
मेरे बाबा प्यारे बाबा
शिव बाबा मेरे बाबा
