हुआ है जी को ओम शांति है बाबा कहते हैं कि हर रोज स्वयं को तीन बिंदुओं के स्मृति का तिलक अवश्य लगा कि आप भी बिंदी और भाभी वंदे 200 ग्राम आफ बदती है हो चले हैं कि आज इन सुंदर स्मृतियों का तिलक लेने के लिए पहुंच जाएं डायमंड हॉल में कि बाप-दादा के सामने ए बैठ जाए पापा के बिल्कुल न सकते हैं तो जी भरकर ने हारे बाप दादा की सुंदर छवि को तो मानो आए कुछ मैं सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए ही बाबा अवतरित हुए हैं कि मेरी भाग्य कुछ रिस्ट बनाने को श्रेष्ठ स्मृतियां दिलाने में मैं अपनी शक्तिशाली दृष्टि देते हुए [संगीत] है बाबा मेरे मस्तक पर तिलक दे रही हैं है और स्मृति दिला रहे हैं कि उनकी बच्ची कि आप यह शरीर नहीं है बल्कि शरीर के अंदर विराजमान है कि अतिसूक्ष्म बिंदु हो आत्मा है से पीड़ित हो जाए मैं अपनी बिंदु स्वरों में में [संगीत] कि देश में होते भी कि दीपिका कोई एहसास नहीं कि केवल चमकती हुई बिंदु आत्मा ही है का अनुभव हो रही है [संगीत] अजय को कि मैं फिर इन दो को शांत स्वभाव कि शक्ति स्परों सत्य आनंद स्वभाव कि अ [संगीत] और सुनाओ कर दो मेरे प्यारे बाबा कि अब मुझे दूसरे स्मृति का तिलक दे रहे हैं क्या कह रही हैं हैं कि बच्चे जैसे आप हिंदू हो कि बाबा भी बिंदु हैं कि बाबा की यह कहते ही में पहुंच जाए बुद्धि रूपेण विमान में बैठ अपने घर परमधाम को देखें मीठे शिव बाबा को कि जैसे मैं आत्मा बिंदु है ऐसे बाबा भी बिंदु हैं है लेकिन गुणों और शक्तियों के सिंधु है [प्रशंसा] कि मैं प्यार से देख रहा हूं बिंदु पापा को कि बाबा के सानिध्य में कि आत्मा अतिंद्रिय सुख का अनुभव कर रही है इस बिंदु दाखवा इस बिंदु मैं कि इतना सुख समाया है इस एहसास में लुट इस बिंदु का बिंदु से मिलाएं और ज्योति का महज 6 3 से मिलन हो रहा है [संगीत] कर दो [संगीत] हुआ है मैं स्वयं को कि सर्वगुणोंसे है कि शक्तियों से भरपूर कैसे कि मैं पुणे बाप-दादा के सम्मुख कि डायमंड हॉल में कि अब बाबा कि मुझे तीसरे स्मृति का तिलक दे रहे हैं एक अच्छी यह ड्रामा भी बिंदु है कि नथिंग न्यू कि बीती बातों को बिंदु लगा दो [संगीत] कि सर्वशक्तिवान बिंदु बाबा की शक्तिशाली दृष्टि से कि मैं बिंदु आत्मा कि अतीत की सभी बातों से मुक्त होता जा रहा है [संगीत] कि ड्रामा की हर सीन के पीछे छिपे कल्याण को ये स्पष्ट दिख रहा है [संगीत] कि जो हुआ कल्याणकारी मैं इसी संकल्प से हराया आत्मा के प्रति कि ह्रदय हमें कल्याण के भाव उत्पन्न हो रहे हैं कि मैं तेल से आप सभी को क्षमा करते हुए की शुभकामनाएं दे रहा की दुआएं दे रहा आप सबका कल्याण हो कि सभी सुखी हूं के सर्वर का पहला कि सभी आनंदित रहे हैं है मेरी मन से निकलने वाली सुंदर दुआओं को देख के बाप दादा मंद-मंद मुस्कुरा रहे हैं है और मेरे सिर पर हाथ रखकर बर्तन दे रहे हैं बच्ची मैं सदा तीन बिंदुओं के स्मृति के में तिलकधारी दाद [संगीत] हुआ है कि आज बाह बाह कि यह तीन बिंदुओं के स्मृति का अभ्यास है और अनुभव करेंगे जय हो ओम शांति
