

"तेरे वतन का दिव्य नजारा तेरे वतन का दिव्य नजारा फिजाओं में महके ज्ञान की धारा ज्ञान की धारा तेरे वतन का दिव्य नजारा तेरे वतन का दिव्य नजारा फिजाओं में महके ज्ञान की धारा ज्ञान की धारा तेरे वतन का दिव्य नजारा अनहद नाद गूंज रहा है अनहद नाद गूंज रहा है तेरे नूर से घर ये सजा है घर ये सजा है आनंद से ये भरपूर नजारा फिजाओं में महके ज्ञान की धारा ज्ञान की धारा तेरे वतन का दिव्य नजारा दिव्य मणियों की नगरी में आए दिव्य मणियों की नगरी में आए तेरे रंग में हम रंग जाए हम रंग जाए प्रभु का संग लगे बड़ा प्यारा फिजाओं में महके ज्ञान की धारा ज्ञान की धारा तेरे वतन का दिव्य नजारा तेरे वतन का दिव्य नजारा फिजाओं में महके ज्ञान की धारा ज्ञान की धारा तेरे वतन का दिव्य नजारा तेरे वतन का दिव्य नजारा"