तेरी याद सदा ही रहती है
तेरी याद सदा ही रहती है
खुशियों से दामन भरती है
आनंद मगन संतुष्ट है मन
शुभता जीवन में बहती है
तेरी याद सदा ही रहती है
खुशियों से दामन भरती है
उन घोर अंधेरी रातों में
कंटक छायी बरसातों में
पग पग पर ठोकर आती थी
ना दीपक कोई बाती थी
मुझे ज्ञान सूर्य का संग मिला
जुगनू सा रोशन रंग मिला
राहें उजियारा करती है
मंजिल नजदीक सरकती है
आनंद मगन संतुष्ट है मन
शुभता जीवन में बहती है
तेरी याद सदा ही रहती है
खुशियों से दामन भरती है
कितनी यादें कितनी बातें
उलझा मन है उलझे नाते
कोई हो जो मुझसे बात करें
कड़वे पन में मिठास भरे
तेरी श्रीमत हाथ पकड़ती है
हर किरण रोशनी भरती है
मुरली की धुन जब बजती है
आशा हर और बिखरती है
वीणा के तार झंकार करे
किस्मत हर बार संवरती है
तेरी याद सदा ही रहती है
खुशियों से दामन भरती है
आनंद मगन संतुष्ट है मन
शुभता जीवन में बहती है
तेरी याद सदा ही रहती है
