"तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
नैन से नूर छलकता
नैन से नूर छलकता
मेरी सांसों को महकाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
आनंद की लहरें दिल में सागर सा लहराए
मिलन का मीठा अनुभव गहरा होता जाए
खुशियों की खुराक भर के
ओ ओ खुशियों की खुराक भर के
हर गम को मिटाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
झिलमिल झिलमिल जुगनू जैसे चमकता चारों और
अनहद नाद गूंजे कानों में ना कोई मन का शोर
वतन की वो मुलाकाते
वतन की वो मुलाकाते
हर पल याद आती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
मन चमन में खिलते लाखों चिंतन के स्नेह सुमन
निकल जाता अंतर मेरा दुवाओ से भर के दामन
जिंदगी के आंचल को
जिंदगी के आंचल को
गुणों से ऐसा सजाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
नैन से नूर छलकता
ओ ओ नैन से नूर छलकता
मेरी सांसों को महकाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है
तेरी याद से बाबा मन में एक दिव्य शक्ति भर जाती है"
