"तुझ मे ओम मुझ मे ओम
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
सब मे ओम समाया
जैसे करम किये है बंदे
जैसे करम किये है बंदे
वैसा ही फल पाया
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
सब मे ओम समाया
सूरज ओम चंदा ओम
सूरज ओम चंदा ओम
ओम है सारे तारे
धरती ओम अंबर ओम
सबमे ओम समाया
जैसे करम किये है बंदे
जैसे करम किये है बंदे
वैसा ही फल पाया
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
सब मे ओम समाया
सागर ओम पर्वत ओम
ओम है बादल सारे
किरनो मे ओम झरनो मे ओम
सबमे ओम समाया
जैसे करम किये है बंदे
जैसे करम किये है बंदे
वैसा ही फल पाया
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
सब मे ओम समाया
सांसो मे ओम सरगम ओम
सांसो मे ओम सरगम ओम
ओम को पल पल पाया
जप मे ओम तप मे ओम
सब मे ओम समाया
जैसे करम किये है बंदे
जैसे करम किये है बंदे
वैसा ही फल पाया
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
तुझ मे ओम मुझ मे ओम
सब मे ओम समाया
सब मे ओम समाया
सब मे ओम समाया
"
