तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
मिले एक बार हम तुझसे तमन्ना मन में थी ऐसी थी
मिले एक बार हम तुझसे तमन्ना मन में थी ऐसी थी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
हुआ जब कल्प का संगम तू आया ये खबर पाई
हुआ जब कल्प का संगम तू आया ये खबर पाई
मिले फिर से विदेही बन
वो युक्ति तूने दिखलाई
वो युक्ति तूने दिखलाई
किया पल पल में परिवर्तन
तुम्हे भूलनेकी भूल कैसी
किया पल पल में परिवर्तन
तुम्हे भूलनेकी भूल कैसी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
भला खुशियों से अचल थी
अलौकिक सुख भी पाया था
तुझे पाकर मेरे बाबा
ये पंछी मुस्कुराया था
ये पंछी मुस्कुराया था
जागी थी रात सारी
तुम्हारी याद है ऐसी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
तुम्हारा संग तो ऐसा था
खिलाए फूल जंगल में
तुम्हारा संग तो ऐसा था
खिलाए फूल जंगल में
भले चुपके से आ जाओ
बाबा बच्चो की महफिल में
बाबा बच्चो की महफिल में
मिला है राह सब बच्चे
झलकते थे फिर क्या था
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
मिले एक बार हम तुजसे तमन्ना मन में थी ऐसी थी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
तुझे पाने की चाहत में मै दुनिया को भूला बैठी
