तुम बिन ओ मेरे बाबा अब दिल कहीं ना लगता
तुम बिन ओ मेरे बाबा अब दिल कहीं ना लगता
तन है भले यहां पर
तन है भले यहां पर मन तो वतन में रहता
तुम बिन ओ मेरे बाबा अब दिल कहीं ना लगता
नैना तुम्हें निहारे रहती खुली ये पलके
रहती खुली ये पलके
कब आए वो घड़ी जब हम संग तुम्हारे चल दे
हम संग तुम्हारे चल दे
अपना वो घर सुहाना अब तो है हमको दिखता
तुम बिन ओ मेरे बाबा अब दिल कहीं ना लगता
तुम बिन ओ मेरे बाबा अब दिल कहीं ना लगता
