"तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
दुनिया ढूंढे तुम्हें कण कण में दुनिया ढूंढे तुम्हें कण कण में हम मिलन मनाते मधुबन में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने..
ना तन को तड़पाया हमने
ना घर बार छोड़ जंगल को गए
ना तन को तड़पाया हमने
ना घर बार छोड़ जंगल को गए
जिस राह पे ब्रह्मा बाबा चले उसी राह पे हम भी निकल पड़े
बाबा तुमने मुझे मेरा कहा
बाबा तुमने मुझे मेरा कहा
हम खुश हो रहे अंतर मन में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने...
तेरी छत्रछाया के नीचे हम सदा खुद को सुरक्षित पाए हैं
तेरी छत्रछाया के नीचे हम सदा खुद को सुरक्षित पाए हैं
मां की ममता तुमसे ही मिली
और प्यार पिता का पाए हैं
तुम्हें भूल से भी भूल सकते नहीं
तुम्हें भूल से भी भूल सकते नहीं
एहसान है इतने जीवन में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने...
तीनों लोको की सैर करें जब चाहे आए जाए हम
तीनों लोकों की सैर करें जब चाहे आए जाए हम
तेरी महिमा के गीत सभी बाबा हम हर पल ही गाए
जन्मों की प्यास बुझी दिल की
जन्मों की प्यास बुझी दिल की
पहचान मिली जब संगम में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
दुनिया ढूंढे तुझे कण-कण में
दुनिया ढूंढे तुझे कण-कण में
हम मिलन मनाते मधुबन में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने बैठे हो बाबा हम देख रहे मन दर्पण में
तुम सामने.."
