ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति
उदित हुआ है विश्व गगन में ज्ञान सूर्य शिव आज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति
उदित हुआ है विश्व गगन में ज्ञान सूर्य शिव आज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति का मधुर मर्म जो शिव बाबा बतलाते
आत्म ज्ञान परमात्म ज्ञान से दिव्य नयन खुल जाते
ओम शांति का मधुर मर्म जो शिव बाबा बतलाते
आत्म ज्ञान परमात्म ज्ञान से दिव्य नयन खुल जाते
समाधान हर प्राणी पाते बनते बिगड़े काज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति
तुम हो शुद्ध अमर अविनाशी तन से न्यारी आत्मा
आत्म रूप में सब है भाई शिव पिता परमात्मा
तुम हो शुद्ध अमर अविनाशी तन से न्यारी आत्मा
आत्म रूप में सब है भाई शिव पिता परमात्मा
राजयोग है पार सुखों का यही शांति का राज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति
आओ इस मंगलमय पथ पर जीवन सफल बनाए
जन जन के प्यासे मन पर हम प्रेम सुधा बरसाए
आओ इस मंगलमय पथ पर जीवन सफल बनाए
जन जन के प्यासे मन पर हम प्रेम सुधा बरसाए
दिव्य गुणों को धारण कर ले सतयुग का है स्वराज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांति
उदित हुआ है विश्व गगन में ज्ञान सूर्य शिव आज
ब्रह्मा के श्री मुखसे गूंजी मीठी ये आवाज
ओम शांति ओम शांति ओम शांति ओम शांत
