उमंगों के पंख लिए उड़ उड़ जाऊं संग तेरे
ओ बाबा उड़ उड़ जाऊं संग तेरे
उत्सव के रंग लिए
खिल खिल जाऊ खुशियों में
ओ बाबा
खिल खिल जाऊ खुशियों में
संगम की हर घड़ियां देती हमको बधाईयां
अविनाशी वीणा के बजती है शहनाइयां
उमंगों के पंख लिए
उत्सव के रंग लिए
बने आप जैसा यही है प्रतिज्ञा
रुकेंगे कभी ना अपनी ये दृढ़ता
मनमनाभव बन कमाल करेंगे
निश्चित विजय का हार हम पहनेंगे
पवित्रता के व्रत से ब्राह्मण जीवन सजाए
प्रभु अवतरण का हम यादगार गाए
उमंगों के पंख लिए
उत्सव के रंग लिए
ज्ञानसुर्य प्रगटा करने प्रकाश
शिवरात्रि आई हरने अंधकार
विश्व पिता को प्रत्यक्ष कर ले
शिवपीता का झंडा है दिल में फहरे
मै और मेरे पन की आओ बली चढ़ाए
सहज सफलता के हम वरदानी बन जाए
उमंगों के पंख लिए
उत्सव के रंग लिए
उमंगों के पंख लिए उड़ उड़ जाऊं संग तेरे
ओ बाबा
उड़ उड़ जाऊं संग तेरे
उत्सव के रंग लिए
खिल खिल जाऊ खुशियों में
ओ बाबा
खिल खिल जाऊ खुशियों में
संगम की हर घड़ियां देती हमको बधाईयां
अविनाशी वीणा के बजती है शहनाइयां
उमंगों के पंख लिए
उत्सव के रंग लिए
