ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
निराकार हो कर्म भी करते
निराकार हो कर्म भी करते
तुझसा नहीं कोई बेमिसाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
बिना पाव के चलकर आप परमधाम से आते
बिना मुख के ओ ज्योतीबिंदू वानी सुनाते
बिन हाथो से बनाए देवता
बिन हाथो से बनाए देवता
यह है तेरी कमाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
कोई कोई है भाग्यशाली जो तुझको ही जान जाते है
साकार में तुझे पहचान बेहद मिलन मनाते है
सूक्ष्म हो पर स्थूल वालो की
सूक्ष्म हो पर स्थूल वालो की
करते हो सारी सम्हाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
निराकार हो कर्म भी करते
निराकार हो कर्म भी करते
तुझसा नहीं कोई बेमिसाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
ऊंचे धाम में रहनेवाले पुछते हमारा हाल
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