

वरदाता ने सौगात दी हैं दिव्य बुद्धि का वरदान है दिव्य बुद्धि का वरदान त्रिकालदर्शी स्थिति का है आसन विजयी रतन का स्वमान है विजयी रतन का स्वमान तीनों कालों को जाना है हमने वरदाता को पहचाना है हमने दिव्य बुद्धि की कमाल है दिव्य बुद्धि की कमाल सर्व शक्तियां पाई है हमने जीवन गुणों से सजाई है हमने हरपल ही मालामाल है हम हरपल ही मालामाल जैसा समय हो वैसी शक्ति का करना हमें आह्वान है करना हमें आह्वान वरदाता ने सौगात दी हैं दिव्य बुद्धि का वरदान है दिव्य बुद्धि का वरदान आत्म शक्ति परमात्म शक्ति आत्म शक्ति परमात्म शक्ति हर कार्य में जो सिद्धि दिलाती खुद पर ही करना प्रयोग है इसे खुद पर ही करना प्रयोग अनुभव कर के सबको कराना कर्मो के द्वारा गुणदान करना सच्चा यही सहयोग है सच्चा यही सहयोग प्रयोग शाली बनकर सबको बनाना आप समान है बनाना आप समान है वरदाता ने सौगात दी हैं दिव्य बुद्धि का वरदान है दिव्य बुद्धि का वरदान त्रिकालदर्शी स्थिति का है आसन विजयी रतन का स्वमान है विजयी रतन का स्वमान