जय हो ओम शांति ओम तो पिक करना विनष्ट कि भाड़ संस्कार परिवर्तित कि इस देश में कि मैं भी बैठी हूं एक चमकता हुआ चैत्र ने सितार है को देख उल्टी तक पर विराजमान हो [संगीत] कर दो में मेरा घर है ए परम धाम है कि अ 16 लें अ कि इस विधि हैं और दुनिया से पहले [संगीत] अपने परम धाम गैर अ मैं अपनी बीच रूप कि अवस्था में आ के पीरु पिताश्री पापा के सम्मूख अ [संगीत] यह देखिए उनके दिव्य स्वरों को महज ज्योति का प्रकाश है कि जैसे पूरे ब्रह्मांड को प्रकाशित कर रहा है अ कर दो हुआ है कि उनकी तेजस्वी करने हैं कि मुझे बीच रूप आत्मा को प्राप्त हो रही है है [संगीत] जिससे मैं अनुभव कर रहा हूं है कि मेरे विक्रम भस्म हो रहे हैं कर दो अजय को [संगीत] कि मुझे आत्मनिर्भर हुई है कि छड़ी जैसे जलकर खाक हो रहे हैं कि उनका अंश वंश समाप्त होता जा रहा है कर दो कर दो कर दो कि पापा की लाइट और माइट नॉट ए [संगीत] कि मुझे अपनी समाती जा रही है कर दो कि अ कि मैं आत्मा है कि होती जा रही हूं [संगीत] टॉर्च लाइट माइक स्वरूप में स्थित होती जा रही है कर दो [संगीत] कर दो के पानी में छिपा है कि मुझे आत्मा को असम निर्विकारी बना रहे हैं अ के विकारों की काली मां को दूर [संगीत] संपूर्ण स्वच्छ और निर्मल बना रहे हैं कर दो कि पापा की पावरफुल करने से को निरंतर मुझ पर बरस रही है हुआ है [संगीत] है जिससे मैं आत्मा कि संपूर्ण प्रकाशित होते जा रहे हैं को कुचल बनती जा रही है कर दो मैं अपने शक्तिशाली बीच अवतार का गहन अनुभव कर रही हो [संगीत] [संगीत] कर दो का ज्ञान सूर्य के गिरने की इस देश पर भीम की तरह [संगीत] मुझमें प्रवेश कर रही है कर दो है और आत्मा की जन्म-जन्मांतर के पापों को दग्ध कर रही है ए कि अ [संगीत] को सुनना है कर दो कि पुराने संस्कारों के बीच को को समूल नष्ट कर रही है [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कि मैं ज्ञान सूर्य पर पूरी तरह के कार्यक्रमों को कर दो तुम ही हो हुआ है मैं बस में और बाबा अ कर दो [संगीत] कर दो कर दो कर दो [संगीत] कि उनकी शक्तिशाली केंद्रों के नीचे में है कि अ [संगीत] अजय को ये [संगीत] कैसी न्यारे हैं कि आप निराली अवस्था है यह अ [संगीत] कि मैं बीच रूप आत्मा कि परमधाममें ज्वालामुखियों की अवस्था में कर दो कि अ [संगीत] कर दो मैं अपने बिंदु है कर दो कि वहां से अवतरित हो रही है में आ जाती हो हुआ था कांति में हां मैं बिल्कुल आए थे कि आदित्य स्वरूप का अनुभव कर रही हैं में भरपूर अनुभव कर रही है कर दो कि मेरा प्रकाश पूरे शरीर को पूरे भूमंडल को प्रकाशित कर रहा है कर दो कि [संगीत] जीवन में होते हैं मैं मैजिकल मुक्त अवस्था का अनुभव कर रहा हूं कर दो मैं दिल्ली में हूं [संगीत] है लेकिन निशान लगा और रूप राम कि अ [संगीत] कर दो कि जैसे परमधाम से अभी में जुड़ा हुआ बाबा की लाइट अब भी मुझ पर पड़ रही है ए परम धाम का अनुभव मुझे बाहर बाहर अपनी ओर खींच रहा है [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कि महबूब गैरे नत्थू [संगीत] अच्छी बाहर-बाहर परमधाम में ज्ञान सूर्य की तेजस्वी के गुणों के नीचे अच्छा मिला मुर्गी इस बीच रूप अवस्था में महंगी फिक्र मत करेंगे कि आप किसी विशेष संस्कार का परिवर्तन करें ॐ ऐं [संगीत] हुआ है [संगीत] कर दो हुआ है
