

"वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से हर समस्या हवा बनके हर समस्या हवा बनके उड़ जाती संसार से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से हम हैं बेगमपुर के वासी फरिश्तों सी चाल है हम है बेगमपुर के वासी फरिश्तों सी चाल है बाबा संग सदा रहूं मैं यही दिल की आवाज है चाहे धरती हो या अंबर जुदा ना होंगे आपसे वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से फूल बांटो हाथों से तो हाथों में खुशबू आती फूल बांटो हाथों से तो हाथों में खुशबू आती मन में गर बाबा बसे जीवन में दिव्यता आ जाती हम हैं सबके सब है अपने यही सीखा है आपसे वाह बाबा वाह बाबा हम हे कहते शान से आपका एहसान बाबा हम चुका ना पाएंगे आपका एहसान बाबा हम चुका ना पाएंगे हम पे जो उपकार किया वो कैसे भूल पाएंगे पाना था जो पा लिया अब पाना क्या संसार से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से हर समस्या हवा बनके हर समस्या हवा बनके उड़ जाती संसार से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से वाह बाबा वाह बाबा हम हैं कहते शान से हम हैं कहते शान से..."