जय हो ओम शांति ओम है बाबा कहते हैं मैं अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो वो तो मेरी समान बन आप मेरे पास आ जाएंगे [संगीत] कर दो को चैलेंज सुंदर अब श्योर [संगीत] में स्थित हो जाएं मैं अपनी आत्म-स्वरूप में है कि मैं आज ऑफिस है अब मैं और अविनाशी आत्मा [संगीत] कि मैं 5,000 वर्ष पहले इ को परमधाम घर सिंह कि इस धरा पर अवतरित हुई थीं कि पहले तो योग कि मैंने संपूर्ण सुख कि वह आनंद में व्यतीत की है क्योंकि तक कि मैं संपूर्ण निर्विकारी थी कि आत्म-अभिमानी थी कि अ है परंतु द्वापर युग से अ [संगीत] को आत्म विस्मृति के कारण आप मेरा वह सुख पांच-छह दिन भिन्न हो गया है है पुणे संगम कैसे स्वयं परमात्मा है कि मुझे सकते हैं ध्यान दे रही हैं कर दो है कि मैं तेरे नहीं ओ मां को शांत स्वरूप [संगीत] ए प्रेम स्वरूप [संगीत] कर दो का आनंद मेरा स्वभाव [संगीत] में सुख मेरी संपत्ति है [संगीत] का अनुभव कैरी ओं मैं अपनी सशक्त चित्त आनंदस्वरूप को [संगीत] कर दो कर दो कर दो है अब मैं इस बीसीडी निकलकर आ मैं यह करती हूं उपर की ओर कि मैं चमकती हुई छोड़ते हैं मैं आकाश मंडल को बाहर करते हुए हैं आ जा रही हूं अपने स्थान को कर दो कि यह परमधाम है [संगीत] कि गोल्डन प्रकाश से अच्छा ने कि संपूर्ण शांति से भरपू अजय को है यही मेरा घर है [संगीत] कर दो [संगीत] तू मेरे सामने है कि दुख हर्ता सुख कर्ता ह और आनंद के साथ गैस आज मेरे परम प्रिय मैं परम पिता परमात्मा [संगीत] कि उनको देख है कि मैं आनंद मग्न हो रहा है कि यह वही है अच्छा जी नहीं मैं सहम से याद कर रहा था [संगीत] कि यह वही हैं जिनके दर्शन की अभिलाषा में मैं तड़पता था अजय को कर दो में प्राण प्यारे बाबा कि आखिर मैं आपके पास पहुंच गया है कि [संगीत] आप के मिलन से है ओ मेरी जन्म जन्म के कष्ट दूर को कह कि आपके पास आ कर दो कि मैं अथाह सुख का अनुभव कर रहा था [संगीत] अजय को आप मेरे हो मैं आपको बात कह सकते हैं कि मैंने सब कुछ पा लिया पा पा पा [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कर दो कि बाबा की भी आवाज जैसे ही मैं अनुभव कर रहा कर दो कि वह कह रहे हैं है कि तुम मेरी अति मीठे बच्चे हो कर दो [संगीत] कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और मेरा सब कुछ तुम्हारा है कर दो कि बाबा की इसने नहीं सुखदायी और आनंददाई किरणों से मैं भरपूर हो रहा हूं हुआ है [संगीत] कि उनके वाइब्रेशंस भाग्य है कि मैं आनंदविभोर हो रहा है कर दो कर दो हुआ था और आनंद की इसी दिव्य अनुभूति के साथ अब मैं आत्मा को वापस आ जाता हूं मैं अपनी साकार देते हुए दी है [संगीत] एक मैसेज क्षेत्र आनंदस्वरूप है कि मेरी चारों ओर आनंद की तरंगे फैल रही है हुआ है हुआ है कि आज है कि आत्मा की मूल गुणों का सुंदर अनुभव करते हुए हैं कर दो के बाहर बाहर बाबा के पास जाएंगे [संगीत] को तभी शांति तभी प्रयास है में कभी पवित्रता से खुद को भरेंगे कि आर्मी चीफ गेस्ट ओं आप सबको इन पिछड़ों का आप अनुभव करेंगे कि कि हो ओम शांति ओम हुआ है कर दो कि अ [संगीत] हुआ है [संगीत]
