"हो यमुना के तीरे देखो धीरे-धीरे
यमुना के तीरे देखो धीरे-धीरे
कृष्ण कन्हैया रास रचैया
कृष्ण कन्हैया रास रचैया
रास रचा रहे हैं
रास रचा रहे हैं
श्री कृष्णा आ रहे हैं
वो मुरली बजा रहे हैं
हाथों में वेकुंठ लाए
धरती को सजा रहे हैं
यमुना के तीरे देखो धीरे-धीरे
कृष्ण कन्हैया रास रचैया
कृष्ण कन्हैया रास रचैया
रास रचा रहे हैं
मुरली सुना रहे हैं
अजब नजारे वो करके इशारे
ग्वाल ग्वाल संग कब से पुकारे
अजब नजारे करके इशारे
ग्वाल ग्वाल संग कब से पुकारे
जन्म पुकारा रास्ता निहारा...
हमको बुला रहे हैं
मुरली सुना रहे हैं
रंग बिरंगी वो दुनिया निराली
फल फूलों से लदी हर डाली
रंग बिरंगी वो दुनिया निराली
फल फूलों से लदी हर डाली
पावन पावन दृश्य सुहावन...
सपनों में आ रहे हैं
मुरली सुना रहे हैं
श्री कृष्ण राधे सबके नैनों को बांधे
निरख रख रहे सब अंखियों को साधे
श्री कृष्ण राधे सबके नैनों को बांधे
निरख रहे सब अंखियों को साधे
प्यारी प्यारी गईया ठंडी ठंडी छैया...
दुनिया दिखा रहे हैं
वो मुरली सुना रहे हैं
आओ मिल खेले हाथ हाथों में लेले
बीते कल को भूले खुशी के झूले में झूले
आओ मिल खेले हाथ हाथों में लेले
बातें कल को भूले खुशी के झूले में झूले
मधुबन में सबके मन आंगन में...
रास रचा रहे हैं
वो मुरली सुना रहे हैं
श्री कृष्ण आ रहे हैं
वो मुरली बजा रहे हैं
हाथों में वेकुंठ लाए
धरती को सजा रहे हैं
सपनों में आ रहे हैं
नई दुनिया दिखा रहे हैं
वो मुरली बजा रहे हैं"
