ये घर है भगवान का
(BK Centre Song)
ये घर है भगवान का,
ये नूर है जहान का।
हर दिल में बसता यहाँ
प्यार भगवान का।
ये मंदिर नव निर्माण का,
आश्रम जियदान का।
आत्मा के कल्याण का,
परमात्मा की पहचान का।
प्रेम का ये शिवाला,
ज्ञान की ये मधुशाला।
सत्य का ये सूर्योदय,
आशा का अरुणोदय।
ये मधुबन बलीदान का,
तपोवन उत्थान का।
केंद्र दिव्य अभियान का,
संकल्प विश्वकल्याण का।
ये घर है भगवान का,
ये नूर है जहान का,
हर दिल में बसता यहाँ
प्यार भगवान का....
अमृतवेला योग की ज्वाला,
जैसे अमृत का प्याला—
पिलाता अमरनाथ निराला।
फिर ज्ञान मुरली का उजाला,
जैसे ज्ञान की माला—
पहनाता शिव भोला।
फिर प्रभु सेवा का उजियाला,
खोले बुद्धि का ताला—
अनोखी ये पाठशाला।
कर्म में आत्माओं से पाला,
सेवा और स्वयं को संभाला—
छत्रछाया बनता वो रखवाला।
फिर ब्रह्माभोजन रसवाला,
प्यार से हर निवाला—
खिलाता बाबा दिलवाला।
ये गीत वरदान का,
संगीत स्वमान का।
ये स्वर विजयगान का,
ईश्वर के फरमान का।
ये घर है भगवान का,
ये नूर है जहान का,
हर दिल में बसता यहाँ
प्यार भगवान का....
सेवा केंद्र की रिमझिम रूहानी,
अथक सेवा की ज़िंदगानी—
हर दिन होली, हर दिन दिवाली,
अमर प्रेम की अथक कहानी।
आती परिवार की भासना,
जगे पवित्र जीवन की कामना।
जल में कमल की साधना,
मिटे माया की वासना।
उठे स्वर यहाँ ॐ शांति का —
प्रचंड शंखनाद रुद्र यज्ञ का।
बाबा बाबा गूंजे नाद अनहद का,
दिव्य आह्वान आत्माओं का।
ये घर है भगवान का,
ये नूर है जहान का,
हर दिल में बसता यहाँ
प्यार भगवान का....
सबको मिलता यहाँ सम्मान,
सबके लिए है प्रभुका वरदान।
घर को अपने अब तू पहचान,
छोड़ दे ये व्यर्थ अभिमान।
मिलता यहाँ हर समस्या का समाधान,
सबके लिए खुला शिव बाबा का स्थान।
बनते यहाँ नित नए विधान,
विश्व बनेगा फिर से गुलिस्तान।
घर ये तुम्हारा, हम सबका—
पिता एक वो, हम सबका।
आओ प्यारे, दर है ये रब का;
अब मिटाओ भार मन का।
ये घर है भगवान का,
ये नूर है जहान का,
हर दिल में बसता यहाँ
प्यार भगवान का...
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