

ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना यहीं स्नेह दिलका है जो खींच लाए स्वागत जिगर से है जो आप आए ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना बिना आपके योजना थी अधूरी कहते है अपनो से रहती ना दूरी बिना आपके योजना थी अधूरी कहते है अपनो से रहती ना दूरी कदम से कदम को मिलाना जरूरी तभी आस प्रभु की होगी ये पूरी धरती गगन साथ मिल करके गाए स्वागत जिगर से है जो आप आए ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना जगमे जो संकट की आई घड़ी है बारूद पर सारी दुनियां खड़ी है जगमे जो संकट की आई घड़ी है बारूद पर सारी दुनियां खड़ी है भक्तों की भीड़ जो आकर पड़ी है प्रभु आगमन की जरूरत पड़ी है तभी तो निमंत्रण हे देकर बुलाए स्वागत जिगर से है जो आप आए मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना जीवन में अध्यात्म ज्योति जो जगाए धर्म का मर्म तो कर्म से बताए सुख शांति का द्वार मंगल दिखाए घर घर को नंदन उपवन बनाए इसी पुण्य पथ पर जो पग है बढ़ाए स्वागत जिगर से है जो आप आए ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना ये मंगल घड़ी हैं दिवस ये सुहाना हुआ आपका है सुअवसर पे आना