

योगी तू आत्मा ज्ञानस्वरूप सर्व शक्तियां वह पाए ज्ञानी तू आत्मा स्नेह स्वरूप खुशकिस्मत कहलाए विजई बनके सदा अचल स्थिति का अनुभवी बन जाय योगी तू आत्मा स्नेही अपने स्नेह से ही बढ़ रहे बाबा से सदा सहयोग भी ले रहे बाप समान है और समीप भी ज्ञानी योगी आत्माएं योगी तू आत्मा ज्ञानस्वरूप सर्व शक्तियां वह पाए योगी तू आत्मा भावना के साथ ज्ञानस्वरूप बने दोनो हो सदा तब ही संपूर्ण बने ज्ञान और भावना स्नेह सम्पन्न ही उड़ती कला में जाए ज्ञानी तू आत्मा स्नेह स्वरूप खुशकिस्मत कहलाए ज्ञानी तू आत्मा सूक्ष्म शक्तिशाली स्थिति है सबसे महान ऐसी स्थिति से ही होना है नव निर्माण मनसा शक्ति से ही श्रेष्ठ वृत्ति से ही विश्व कल्याण हो जाए योगी तू आत्मा ज्ञानस्वरूप सर्व शक्तियां वह पाए ज्ञानी तू आत्मा स्नेह स्वरूप खुशकिस्मत कहलाए योगी तू आत्मा