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व्यक्ति एक व्यक्तित्व अनेक
यह पुस्तक ब्रह्माकुमार भ्राता जगदीश चन्द्र जी के बहुआयामी व्यक्तित्व और उनके जीवन से जुड़े अनुभवों का संग्रह है। विद्वान, तपस्वी, साहित्यकार, समाजसेवी और राजयोगी — एक ही व्यक्ति में अनेक व्यक्तित्वों की झलक इस पुस्तक में मिलती है। इसका अध्ययन ईश्वरीय सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा देता है।

आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्य:भाग 1
आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्य (भाग 1) सिखाती है कि, कैसे छोटी-छोटी बातों में भी आध्यात्मिकता और नैतिकता को जीकर जीवन को आनंदमय बनाया जा सकता है। इसमें आत्मा और परमात्मा की गहराई को सरल शब्दों में समझाया गया है। इसे पढ़ने से भीतर स्थायी शांति, सच्ची मुस्कान और हर परिस्थिति में मजबूत रहने की शक्ति स्वतः जागृत होने लगती है।

आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्य:भाग 2
इस पुस्तक में बताया गया है कि एक आदर्श समाज की नींव नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों पर टिकी होती है। और, कैसे भौतिक सुखों के पीछे भागने की बजाय आत्म-परिवर्तन और ईश्वरीय योग से जीवन की सच्ची सफलता प्राप्त होती है। यह पुस्तक प्रेरणा देती है कि हम अपने विचार, व्यवहार और जीवन शैली को दिव्य गुणों से भरें और एक मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना में सहभागी बनें।

आदिरतन
यह पुस्तक उन आदि रत्न आत्माओं के अनुभवों और जीवनियों का संग्रह है, जो यज्ञ के प्रारंभ में साक्षात परमात्मा की शिक्षाओं से जुड़ी थीं। इनकी श्रद्धा, निडरता और दिव्य सेवा की कहानियाँ आत्मा को जाग्रत करती हैं और गहरा प्रेरणा-स्रोत बनती हैं। इसका अध्ययन हमें भी आत्म-शुद्धि, परमात्म-स्मृति और श्रेष्ठ कर्मों की ओर अग्रसर करता है।

भगवान शिव का छोटा नंदीगण दादी गुलज़ार
यह पुस्तक दादी गुलज़ारजी के पावन जीवन, सच्चाई और भोलापन का दिव्य परिचय कराती है। परमपिता परमात्मा शिव ने उन्हें अपने 'छोटे नंदीगण' के रूप में चुना, जिनके माध्यम से 48 वर्षों तक शिवबाबा का अव्यक्त सन्देश सम्पूर्ण विश्व में पहुँचा। दादीजी की पवित्रता, सादगी और वरदानी वाणी आज भी आत्माओं को प्रेरणा, शक्ति और शान्ति प्रदान करती है।

भाग्यविधाता
पुस्तक भाग्यविधाता ब्रह्मा कुमारीज़ के यज्ञ की दादियों और वरिष्ठ भाइयों के अनमोल अनुभवों का संकलन है। यह पुस्तक बताती है कि ईश्वरीय यात्रा में उन्होंने किन चुनौतियों का सामना किया और कैसे बाबा की याद और सेवा से अपने भाग्य को सँवारा। इसे पढ़कर, न केवल यज्ञ का इतिहास और आत्म-परिवर्तन की कहानियां जान सकेंगे, बल्कि अपने जीवन में भी दृढ़ता और ईश्वरीय प्यार को अनुभव कर सकेंगे।

एक अद्भुत जीवन कहानी - 1
यह पुस्तक ब्रह्मा बाबा के जीवन की शुरुआत और परमात्मा शिव के साथ उनके अलौकिक अनुभवों और, सच्ची घटनाओं का वर्णन करती है। इसमें बताया गया है कि कैसे एक सामान्य मानव ईश्वरीय मार्गदर्शन से दिव्य पुरुष में परिवर्तित हो गया। इस पुस्तक को पढ़ने से आत्मा को सच्चे आध्यात्मिक पुरुषार्थ की प्रेरणा मिलती है और ईश्वरीय ज्ञान को जीवन में अपनाने की राह स्पष्ट होती है।

एक अद्भुत जीवन कहानी - 2
इस पुस्तक में ब्रह्मा बाबा के 1957 से 1969 तक के अलौकिक जीवन-प्रसंगों का संकलन है, जिसमें उनकी शिक्षाओं, दिव्य मार्गदर्शन और व्यावहारिक ईश्वरीय सेवा की झलक मिलती है। इसमें बताया गया है कि ब्रह्मा बाबा ने ईश्वरीय ज्ञान से लोगों को मार्गदर्शन दिया और साधारण घटनाओं में भी आध्यात्मिकता कैसे देखी। इसके अलावा, मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की सेवा और ब्रह्मा वत्सों के अनुभव भी इस पुस्तक को खास बनाते हैं।

ज्ञान वीणा
यह पुस्तक 1958 से 1963 तक मम्मा द्वारा उच्चारित महावाक्यों का संकलन है। मम्मा ने ईश्वरीय ज्ञान को सरल भाषा में समझाते हुए यह भी बताया कि वाणी सेवा कैसे करें और क्या बोलें। इसका अध्ययन आत्मा को ज्ञानयुक्त बोलचाल, प्रभावशाली सेवा और दूसरों को गहराई से समझाने की कला सिखाता है।

ज्ञान सरिता | भाग 1
Spiritual wisdom from Brahma Kumaris - Gyan_sarita_part 1

ज्ञान सरिता | भाग 6
Spiritual wisdom from Brahma Kumaris - Gyan_sarita_part 6

ज्ञान सुधा | भाग 3
Spiritual wisdom from Brahma Kumaris - Gyan_sudha_part3

यज्ञमाता जगदम्बा सरस्वती
यह पुस्तक यज्ञमाता जगदम्बा सरस्वती जी के तपस्वी, निःस्वार्थमयी और दिव्य जीवन की सजीव झलक प्रस्तुत करती है।मम्मा के अनुभवों, संस्कारों और ईश्वरीय सेवा की झांकी से पाठक मातृशक्ति की महानता और आध्यात्मिक नेतृत्व को अनुभव करता है।इसका अध्ययन आत्मा में निर्मलता, सेवा की भावना और मातेश्वरी जैसी दिव्यता को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।

योग की विधि और सिद्धि
यह पुस्तक राजयोग की विधि को सहज, स्पष्ट और अनुभवशील रूप में प्रस्तुत करती है, जो सम्पूर्ण सुख और शांति की प्राप्ति का एकमात्र उपाय है। इसके माध्यम से आत्मा को परमात्मा से जुड़ने की विधि, तथा उससे प्राप्त होने वाली दिव्य शक्तियों और गहरी शांति का रहस्य समझ आता है। इसका अध्ययन, आत्मिक स्थिरता, संतुलन और जीवन में वास्तविक उन्नति की ओर प्रेरित करता है।

योगी और पवित्र कैसे बनें ?
यह पुस्तक आत्मा और परमात्मा के ज्ञान को सरलता से समझाती है, जो राजयोग का आधार है। यह बताती है कि सच्चा योगी कौन होता है और राजयोग द्वारा क्रोध, अहंकार जैसे विकारों पर कैसे विजय पाई जा सकती है। इसे पढ़ने से आत्म-परिवर्तन, पवित्रता और सच्चे योगी जीवन की ओर प्रेरित होता है।
