अव्यक्त मुरली
... ऐसे अनुभव करेंगे जैसे यह शरीर की शक्तियाँ बाहें हैं, पाँव हैं, आँखें हैं… जिस समय जो शक्ति यूज़ करने चाहें वैसे कर सकते हैं, वैसे यह सूक्ष्म शक्तियाँ कार्य में लगा सकते हैं। क्योंकि यह भी अपना अधिकार है ...
18 March 1985
संस्कृत
Arms; Hands
భుజములు; చేతులు
भुजायें