साकार मुरली, मुहावरा
... बाप-दादा साथ हैं; कोई कुछ कर नहीं सकता; कह नहीं सकता, जलती हुई भट्टी में भी पूंगरे सलामत रहे, यह तो कुछ भी नहीं है। बाल भी बांका नहीं कर सकता। साधारण साथ नहीं, सर्वशक्तिवान का साथ है ...
18 January 1977
हिंदी
Cannot do even a little harm
కొద్దిగా కూడా కష్టాన్ని, నష్టాన్ని చేకూర్చలేదు
थोड़ा भी नुकसान नहीं पहुँचा सकता