हिंदी
... शान्ति वालों को शान्ति और सुख वालों को सुख मिले, तब आपका गायन करेंगे, आपको पूर्वज मानेंगे, अष्टदेव समझेंगे और बारम्बार बाप की महिमा करेंगे। ... (अव्यक्त मुरली - 14 June 1977)
पुनः पुनः
Again and again
మళ్ళీ మళ్ళీ