अव्यक्त मुरली
... बचपन नाज़ नखरे से चलने का होता, बचपन का नाज़ अच्छा भी लगता – लेकिन बड़ा होकर नाज़ से चले तो अच्छा लगेगा! तो अब बचपन बीत चुका, अब वानप्रस्थ तक पहुँच गये। ...
21 December 1978
हिंदी
Childhood; Childish
బాల్యపు; చిన్ననాటి
बाल्यावस्था; लड़कपन