अव्यक्त मुरली
... यहाँ भी सड़ी हुई वस्तु अर्थात् बीती हुई बातें जो न सोचने की हैं अर्थात् न खाने की हैं ऐसे सड़ी हुई बातों को बुद्धि द्वारा स्वीकार कर लेते हैं अथवा हर आत्माओं की कमियों वा अवगुणों का स्वयं में धारण करना इसको भी सड़ी हुई वस्तु कहेंगे। ...
10 January 1979
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व्यतीत हुआ