साकार मुरली
... बंधन में पड़ने से फिर बन्धन वृद्धि को पाते हैं। ऐसा जाल बिछाना ही क्यों चाहिए जो बुद्धि फँस पड़े। ऐसे जाल में फँसना ठीक नहीं है ...
3 August 2016
संस्कृत
To spread
పరుచుట; వేయుట
किसी वस्तु को फैलाना