साकार मुरली
... स समय जो भी हैं सबकी तकदीर बिगड़ी हुई है– सिवाए तुम ब्राह्मणों के। तुम्हारी अब बिगड़ी से सुधर रही है।...
30 July 2016
संस्कृत
Misfortune
దుర్భాగ్యము
दुर्भाग्य