संस्कृत
… वह संन्यासी भभूत लगाते, बाल उतारते, वेष बदलते। तुम्हें तो ऐसा करने की दरकार नहीं ... (साकार मुरली - 15 December 2020)
पवित्र भस्म
Sacred ashes
విభూతి