अव्यक्त मुरली
… सदा स्वयं को अनुभव करेंगे – न किनारा, न कोई सहारा स्पष्ट दिखाई देगा; न गर्मी का अनुभव, न खुशी का अनुभव – बीच में भंवर में होंगे। …
26 April 1977
संस्कृत
A whirlpool
సుడిగుండము
जलावर्त