संस्कृत
... देह का अभिमान छोड़ना है। देही-अभिमानी बनो तो जात-पात का भेद सब निकल जायेगा। ... (साकार मुरली - 24 May 2016)
जाति- पंथ
Caste-creed
జాతి-తెగ